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एम्स, ऋषिकेश में आउटरिच सेल का ,”युवा जोश- नेशनल यूथ कॉंक्लेव-2026″ आयोजित

एम्स,ऋषिकेश में युवाओं को जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टकोण अपनाने और हेल्थ के साथ वेल्थ पर भी आवश्यकरूप से ध्यान देने के लिए प्रेरणा से ओतप्रोत नेशनल यूथ कॉक्लेव-2026 (युवा जोश कार्यक्रम) का आयोजन किया गया। इस अवसर पर फाइनेंस के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने बेहतर जीवनयापन के लिए निरोगी काया के साथ साथ स्वस्थ वित्तीय प्रबंधन की पुरजोर वकालत की। उन्होंने कहा कि जीवन जीने के लिए हेल्थ का बेहतर होना जरूरी है, मगर हेल्थ की बेहतरी भी बिना वित्तीय प्रबंधन के संभव नहीं है, लिहाजा यह वर्तमान जीवन में नितांत आवश्यक है।

एम्स ऑडिटोरियम में आयोजित युवा जोश कार्यक्रम का संस्थान की कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह, मुख्य अतिथि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर मनोज कुमार, संकायाध्यक्ष (अकादमिक) प्रोफेसर डॉ. सौरभ वार्ष्णेय, विशिष्ट अतिथि एएमएफआई के चीफ एग्जिक्यूटिव वेंकट एन.चलासानी, म्युचुअल फंड ऑफ इंडिया (एएमएफआई) के वरिष्ठ सलाहकार सूर्यकांत शर्मा एवं आयोजन सचिव अतिरिक्त आचार्य (सीएफएम) डॉ. संतोष कुमार ने संयुक्तरूप से किया।

इस अवसर पर निदेशक एम्स प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि युवा जोश कार्यक्रम युवाओं को प्रेरित करने का बेहतर कांसेप्ट है। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए युवाओं से जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने को कहा।

मुख्य अतिथि सेबी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मनोज कुमार ने बेहतर जीवन के लिए स्वस्थ्य वित्तीय प्रबंधन के साथ साथ संयम पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सही रास्ते का इस्तेमाल कर रातोंरात अमीरी नहीं आती, लिहाजा बेहतर वित्तीय प्रबंधन सही जगह सतत संचय से ही हो सकता है।

उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता अर्जित करने केलिए प्रोटोकॉल और अनुशासन नितातं आवश्यक है। सेबी के ईडी ने बताया कि वह वित्तीय प्रबंधन से जुड़े अपने इस कांसेप्ट को पहले चार राज्यों से शुरुआत करेंगे, इसके बाद इस कार्यक्रम को पूरे देश में आयोजित किया जाएगा। जिसके तहत युवाओं को जीवन में बेहतर वित्तीय प्रबंधन के लिए जागरूक किया जाएगा, जिससे उन्हें आगे चलकर वित्तीय समस्याओं का सामना नहीं करना पड़े।

संस्थान के डीन (एकेडमिक) प्रो. सौरभ वार्ष्णेय ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी के पास आगे बढ़ने के लिए बेहतर संसाधन हैं, लिहाजा युवा जीवन में सफलता का मुकाम हासिल कर सकते हैं। उन्होंने चुनौतियों का सामना करने की दृष्टि से आज के युवाओं में धैर्य की कमी बताई। कहा कि आज की पीढ़ी सबकुछ जल्दी से हासिल करना चाहती है, जो कि संभव नहीं है।

म्युचुअल फंड ऑफ इंडिया (एएमएफआई) के वरिष्ठ सलाहकार सूर्यकांत शर्मा ने युवा जोश कार्यक्रम की सराहना की, साथ ही कहा कि जिंदगी का हरकार्य धन से ही पूर्ण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हेल्थ व वेल्थ के समन्वय से देश में मिशन चलाने की जरूरत है।
एएमएफआई के चीफ एग्जिक्यूटिव वेंकट एन.चलासानी ने जीवन फाइनेंशियल प्लानिंग को जरूरी बताया, कहा कि सभी को ऐसा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेहतर वित्तीय प्रबंधन से व्यक्ति खुशहाल जीवन जी सकता है और समय समय पर अपनी जरूरतों को पूरा कर सकता है।
युवा जोश कार्यक्रम के आयोजन सचिव एडिशनल प्रोफेसर( डॉ.) संतोष कुमार ने कहा कि फाइनेंस आज के युवाओं के लिए एक गोल है जबकि हेल्थ जिंदगी के लिए एक मजबूरी बन गई है, यह वर्तमान समय की मांग है। जबकि पहले ऐसा नहीं था। उन्होंने बेहतर स्वास्थ्य को युवाओं की नब्ज और बेहतर वित्तीय प्रबंधन को उनकी धड़कन बताया।
उन्होंने कहा कि हेल्थ व वेल्थ पर एक साथ कार्य किया जाए, तो यह युवाओं में नई उर्जा का संचार कर सकता है। कहा कि अमूमन देखा गया है कि जीवन में वित्तीय समस्याएं भी मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह से प्रभावित करती हैं। जिससे व्यक्ति दूसरी बीमारियों से भी ग्रसित होने लगता है। आयोजित कार्यक्रम में प्रोफेसर शैलेंद्र शंकर हांडू, प्रो. रश्मि मल्होत्रा एवं संस्थान के फैकल्टी सदस्य, चिकित्सक आदि मौजूद रहे।
युवा जोश कार्यक्रम के अंतर्गत बुधवार सुबह वॉकथान का आयोजन किया गया जिसमें सौ से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। संस्थान की कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह ने एम्स के गेट नंबर- एक से वॉकथान को रवाना किया, वॉकथान का आयोजन आस्थापथ से होते हुए किया गया। इसके बाद योग सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को संस्थान के योग विशेषज्ञों ने विभिन्न यौगिक क्रियाओं का अभ्यास कराया और उनसे योग विधाओं के नियमित अभ्यास से होने वाले लाभ बताए।
युवा जोश कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजन समिति से जुड़े डा. दिलीप वैष्णव, डॉ. सौजन्या, डॉ. कमलेश, डॉ. आशीष जैन, डॉ. राजीव चौधरी आदि को सम्मानित किया गया। आयोजन समिति की ओर से निदेशक एम्स प्रो. मीनू सिंह ने उन्हें स्मृति चिह्न व प्रशस्तिपत्र भेंटकर सम्मानित किया ।

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